28 दिसंबर: जानें कब गाया गया था पहली बार “वंदे मातरम्” गीत, जानें इतिहास

आज 28 दिसंबर 2025 है। आज ही के दिन पहली बार ‘वंदे मातरम’ गीत गाया गया था।

‘वंदे मातरम’ गीत

पहली बार 28 दिसंबर, 1896 को कोलकाता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था, जिसे रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया और संगीतबद्ध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1896 में कलकत्ता में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष रहमतुल्लाह सयानी के नेतृत्व में हुए अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम गाया था। उस क्षण ने स्वतंत्रता संग्राम में नई जान फूंक दी। यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित है और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक शक्तिशाली नारा बन गया, जिसे बाद में भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया।यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) से लिया गया था और स्वतंत्रता आंदोलन में देशभक्ति का प्रतीक बन गया। इसे सर्वप्रथम रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में गाया था। वंदे मातरम का राजनीतिक नारे के रूप में सर्वप्रथम प्रयोग 7 अगस्त 1905 को किया गया था।

दोनों को दिया था समान दर्जा

भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था, उसी दिन ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान के रूप में भी अपनाया गया था और दोनों को समान दर्जा दिया गया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषित किया था।