13 फरवरी: आज है कुंभ संक्रांति, कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, स्नान दान का खास महत्व

आज 13 फरवरी 2026 है। आज कुंभ संक्रांति है। संक्रांति यानी सूर्य के राशि परिवर्तन वाला दिन। सूर्य का गोचर बहुत मायने रखता है क्योंकि इससे सभी 12 राशियों के जीवन में बदलाव आते हैं। मकर संक्रांति के बाद 13 फरवरी 2026 को कुंभ संक्रांति मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कुंभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है। सूर्य का गोचर शनि की कुंभ राशि में होने जा रहा है। सूर्य अभी भी शनि की मकर राशि में हैं और आगे भी शनि की कुंभ राशि में जा रहे हैं। शनि की कुंभ राशि में जाने के अलावा सूर्य यहां राहु से भी मिलेंगे। क्योंकि राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं, इसके अलावा कुंभ वालों पर शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। ऐसे में 13 फरवरी को सूर्य कुंभ संक्रांति करेंगे।

जानें शुभ मुहूर्त

13 फरवरी को कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य कुंभ राशि में गोचर करेंगे।
कुम्भ संक्रान्ति पुण्य काल – सुबह 07:01 से दोपहर 12:35 रहेगा।
कुम्भ संक्रान्ति महा पुण्य काल – सुबह 07:01 – सुबह 08:53 रहेगा।

खास है महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंभ संक्रांति का दिन दान और पुण्य कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। कई स्थानों पर कुंभ संक्रांति के अवसर पर स्नान पर्व, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए संक्रांति का दिन बहुत फलदायी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से पुण्य फल नष्ट हो जाते हैं।