आज 22 फरवरी 2026 है। आज स्कन्द षष्ठी है। फरवरी 2026 में स्कंद षष्ठी व्रत आज 22 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। स्कंद षष्ठी का व्रत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को है। हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भोलेनाथ के बड़े बेटे भगवान कार्तिकेय को समर्पित किया गया है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को स्कंद षष्ठी के रूप में मनाया जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 22 फरवरी को सुबह में 11 बजकर 9 मिनट पर होगा। यह तिथि 23 फरवरी को सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। ऐसे में पूजा समय के आधार पर स्कंद षष्ठी का व्रत 22 फरवरी को रखा जाएगा। षष्ठी के दिन शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 09 मिनट तक है।
फरवरी का स्कंद षष्ठी व्रत 4 शुभ योग में है। व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 06 बजकर 53 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम को 05 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। उसके बाद रवि योग बनेगा। रवि योग उस दिन शाम में 5 बजकर 54 मिनट से बनेगा और 23 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
ऐसे करें पूजन
सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को अर्घ्य दें और मंदिर की सफाई करें। चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति को विराजमान करें। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रो का जप करें। जीवन में सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए कामना करें। भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं। जिसके बाद प्रसाद के साथ लोगों में विशेष चीजों का दान करें।