गुड फ्राइडे आज, जानें इससे जुड़ा इतिहास और महत्व

गुड फ्राइडे ईसाईयों का बहुत महत्वपूर्ण त्यौहार है । इस दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया जाता है । ईसाईयों के सबसे खास दिनों में से एक गुड फ्राइडे भी है, जिसे ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार को मनाया जाता है । इस दिन इसाई धर्म के लोग यीशु मसीह के क्रूस को याद करते हैं। और ईसाई धर्म के अनुयायी गिरिजाघरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। कई लोग प्रभु ईशु की याद में उपवास करते हैं और उपवास के बाद मीठी रोटी बनाकर खाते हैं।

जानें इससे जुड़ा इतिहास

ईसाई मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार के दिन ही  प्रभु ईसा मसीह को धार्मिक कट्टरपंथियों ने सूली पर लटका दिया था। तभी से क्रिश्चियन कम्युनिटी के लोग उनके बलिदान की याद में गुड फ्राइडे का पर्व मनाते आ रहे हैं। बाइबिल के मुताबिक सूली पर लटकाए जाने के 3 दिन बाद यानी रविवार को प्रभु यीशु पुनर्जीवित हो गए थे। इस दिन को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है, जो इस बार 17 अप्रैल को मनाया जाएगा ।

प्रभु ईसा मसीह के बलिदान को याद किया जाता है

गुड फ्राइडे को चर्च में उनके जीवन के आखिरी पलों को दोहराया जाता है और लोगों की सेवा की जाती है। यह शोक का दिन माना जाता है । इस दिन चर्च एवं घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं।  इस दिन चर्च में कैंडल नहीं जलाई जातीं और न ही घंटियां बजाई जाती हैं। गुड फ्राइडे को लोग अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। गुड फ्राइडे को शाकाहारी और सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता है। क्रॉस को चूमकर प्रभु ईसा मसीह को याद किया जाता है ।