हल्द्वानी दुखद: सुप्रसिद्ध गीतकार महेशानंद गौड़ ‘चंद्रा का निधन, 87 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

हल्द्वानी से जुड़ी खबर सामने आई है। हल्द्वानी में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध गीतकार और गढ़वाली कुमाऊंनी के विद्वान महेशानंद गौड़ ‘चंद्रा का निधन हो गया है।

शोक की लहर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह कई माह से बीमार थे। बीते कल गुरुवार को 87 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आझ शुक्रवार सुबह कोटद्वार में होगा। वह मूलरूप से गढ़वाल में जन्मे थे। महेशानंद गौड़ ने 1960 दशक के मध्य में पर्वतीय क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय गढ़वाली लोकगीत ‘चल रूपा बुरांस कु फूल बणि जौला लिखा था। उनकी लिखी कुमाउनी बैठकी (शास्त्रीय) होली सबको मुबारक होली भी बहुत मशहूर है। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रशिक्षक के तौर पर कई साल जीआईसी अल्मोड़ा और उत्तरकाशी में सेवाएं दीं। उनके निधन पर शोक जताया है।