हल्द्वानी से जुड़ी खबर सामने आई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के फॉरेंसिक विभाग में पीजी रेजिडेंट डॉ. सौरभ प्रकाश सिंह ने एक खास शोध शुरू किया है।
ब्लाइंड मर्डर और जघन्य अपराधों की जांच में अहम भूमिका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके माध्यम से डीएनए, फिंगरप्रिंट और सीसीटीवी के बाद अब अपराधियों की पहचान उनकी लिखावट और हस्ताक्षर से भी संभव हो सकेगी। यह शोध अपराध विज्ञान की दिशा बदल सकता है। इस शोध में वह उत्तराखंड की अलग-अलग जेलों में बंद अपराधियों, मानसिक रोगियों, आत्महत्या का प्रयास करने वालों की लिखावट और सिग्नेचर का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रहे हैं। यह शोध 555 लोगों पर किया जाना है। उनका यह अध्ययन ब्लाइंड मर्डर और जघन्य अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाएगा।
नवंबर में शोध अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अध्ययन आगामी नौ से 11 नवंबर को कोलकाता में होने वाले इंटरनेशनल फॉरेंसिक साइंस कॉन्फ्रेंस-2025 में प्रस्तुत होगा। इससे पहले इसे देहरादून में आयोजित 22वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन-2025 और अल्मोड़ा में नेशनल फॉरेंसिक कॉग्रेस-2025 में रखा जा चुका है। अल्मोड़ा सम्मेलन में उन्हें दूसरा पुरस्कार भी मिल चुका है।