आज हम स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में जानकारी देंगे। देश में बढ़ रहा प्रदूषण एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में खुद का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इससे जुड़े कुछ लाभ हम आपको बताएंगे। आंवला को सर्दियों का सुपरफूड कहते हैं क्योंकि यह हमें सर्दी के साथ-साथ कई बीमारियों से भी बचाता है। इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने और फेफड़ों को वायु प्रदूषण से बचाने में मदद करता है।
वायु प्रदूषकों से लड़ने में करता है मदद
प्रदूषण से बचाने के लिए आंवला च्यवनप्राश का सेवन एक अच्छा तरीका है। आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जो वायु प्रदूषकों से लड़ने में मदद करते हैं। च्यवनप्राश श्वसन तंत्र को मजबूत करता है, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और संक्रमण से बचाता है, खासकर फेफड़ों को। इसे सुबह खाली पेट या रात के खाने के बाद एक-दो चम्मच दूध या गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। साथ ही यह श्वसन मार्ग को साफ करने में मदद करता है, फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाता है और कफ को कम करता है।
जानें इस बनाने की विधि
सबसे पहले इसके लिए आंवले को अच्छे से धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें 1 लीटर पानी में उबालें जब तक ये नरम न हो जाएं। सही से उबालने के बाद पानी छान लें और आंवलों को मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें। आंवले का पेस्ट तैयार करने के बाद एक कढ़ाई में गुड़ और थोड़ा पानी डालकर पकाएं जब तक कि यह पूरी तरह से पिघलकर चाशनी जैसा न बन जाए। जब तक ये पिघल रहा है, तब तक सौंठ, काली मिर्च, दालचीनी, और अन्य मसालों को अलग-अलग बारीक पीस लें। इसके बाद एक अलग कढ़ाई में घी गरम करें। उसमें आंवला पेस्ट डालें और धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक भूनें। अब गुड़ का शीरा, मसालों का मिश्रण और पिसे हुए तुलसी पत्ते डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं। इसके बाद जब यह च्यवनप्राश की गाढ़ा हो जाए तो आंच बंद कर दें। आखिर में जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तब उसमें शहद और केसर डालकर मिलाएं। अब इसे आप एक कांच की बोतल में भर के रख सकते हैं।
