Site icon Khabribox

Health tips: ग्रीन टी पीने से सेहत को मिलते हैं यह खास फायदें, इन बीमारियो से मिलता है छुटकारा, जानें

हम स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में आपको बताएंगे। आज हम बात करेंगे ग्रीन टी की। ग्रीन टी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट्स और फायदेमंद पॉलीफेनोल्‍स मौजूद होते हैं।

ग्रीन टी के सेवन से कई तरह के खतरनाक रोगों जैसे कि कैंसर आदि से सुरक्षा मिलती है। ब्‍लीडिंग को रोकने और घाव को भरने के लिए चीनी एवं भारतीय औषधियों में ग्रीन टी का इस्‍तेमाल किया जाता था। ये पाचन, मानसिक और दिल की सेहत में सुधार लाती है। इससे शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखा जा सकता है।‌ वजन कम करने में ग्रीन टी बहुत ही ज्‍यादा फायदेमंद मानी जाती है। लिवर से संबंधित विकारों, टाइप 2 डायबिटीज और अल्‍जाइमर रोगों पर भी ग्रीन टी का सकारात्‍मक असर पड़ता है। अध्‍ययनों की मानें तो ग्रीन टी में उच्‍च मात्रा में पॉलीफेनोल्‍स मौजूद होते हैं जो कैंसरकारी कोशिकाओं को नष्‍ट करने एवं उन्‍हें बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं।

👉🍵आइए जानें ग्रीन टी के सेहत के लिए फायदे-

🎈कैंसर रोकथाम में-

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल होता है जो ट्यूमर वृद्धि को कम करने में मदद करता हैं और पराबैंगनी UV विकिरण के कारण होने वाली क्षति के खिलाफ सुरक्षा भी करता है। उन देशों में जहां ग्रीन टी अधिक पी जाती है, वहां कैंसर के होने की दर कम होती है, लेकिन यह तय करना असंभव है कि यह ग्रीन टी के कारण होता है या अन्य जीवनशैली कारक होते हैं जो कैंसर को रोकती है।

🎀हृदय के लिए-

अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के एक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि ग्रीन टी मृत्यु दर को कम करती है और साथ ही कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और इसके सभी कारणों को कम करने से जुड़ी होती है। एक अध्ययन में बताया गया कि प्रति दिन कम से कम 5 कप ग्रीन टी पीने वाले लोगों की तुलना में ग्रीन टी न पीने वाले लोगों (विशेष रूप से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से) को मरने का काफी ज्यादा जोखिम था। ग्रीन टी में केचिन, पॉलीफेनोलिक यौगिक होते हैं जिन्हें विशेष रूप से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर कई सुरक्षात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रयोग किया जाता है।

🎈कोलेस्ट्रॉल कम करने में-

ग्रीन टी का उपभोग, पेय के रूप में या कैप्सूल रूप में, करने पर यह कुल LDL और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत फायदेमंद होता है।

🎀स्ट्रोक्स में-

ग्रीन टी या कॉफी पीना स्ट्रोक के जोखिम को कम करने से जुड़ा होता है। एक अध्ययन में बताया गया कि यदि आप अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा परिवर्तन करके ग्रीन टी को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो यह आपके स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

🎈टाइप 2 डायबिटीज में-

जापान में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग ग्रीन टी पीते हैं उनमे टाइप 2 डायबिटीज को विकसित करने का खतरा 42 % तक कम होता है। इस बीमारी में इंसुलिन प्रतिरोध या इंसुलिन उत्पन्न करने में असमर्थता के कारण हाई ब्लड शुगर का स्तर शामिल है। अध्ययनों से पता चलता है कि ग्रीन टी इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकती है और ब्लड शुगर के लेवल को कम कर सकती है।

🎀वजन कम करने में-

ग्रीन टी अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त वयस्कों में वजन घटाने को बढ़ावा दे सकती है; चूंकि ग्रीन टी मेटाबोलिज्म को बढ़ाती है और कैलोरीज को बर्न करती है, जो वजन के घटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

🎈त्वचा रोगों के लिए-

अनेक अध्ययनों के अनुसार ग्रीन टी त्वचा विकारों जैसे सोरायसिस और डैंड्रफ के लिए एक नए उपचार के रूप में साबित हो सकती है । शोधकर्ताओं ने सूजन त्वचा रोगों के लिए जिनमे त्वचा कोशिकाओं की सूजन औ दो अधिक उत्पादन के कारण सूखी, लाल, चमकदार त्वचा के पैच शामिल थे, एक मॉडल का अध्ययन किया। ग्रीन टी के साथ इलाज करने से इन त्वचा कोशिकाओं की धीमी वृद्धि का पता चला जो कोशिकाओं के जीवन चक्र को नियंत्रित करता है।

🎀याददाश्त के लिए-

ग्रीन टी हमारे मस्तिष्क के संज्ञानात्मक कार्यों, विशेष रूप से कामकाजी स्मृति को बढ़ा सकती है। एक शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि ग्रीन टी न्यूरोसाइचिकटिक विकारों से जुड़ी संज्ञानात्मक हानि के इलाज में फायदा कर सकती है, जैसे डिमेंशिया ।

🎈अल्जाइमर में-

ग्रीन टी, अल्जाइमर रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा ग्रीन टी, डेंटल कैविटी, तनाव , पुरानी थकान , त्वचा की परिस्थितियों का इलाज, और सूजन को कम करके गठिया में सुधार करने में भी मददगार हो सकती है।

🎀इम्युनिटी बढ़ाने में-

ग्रीन टी में उपस्थित केचिन हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह ऑक्सीडेंट्स और रेडिकल के खिलाफ सुरक्षा करती है, जिससे इम्युनिटी में वृद्धि होती है। ग्रीन टी में ईजीसीजी (EGCG) में रेगुलेटरी T सेल्स की संख्या में वृद्धि करने की क्षमता होती है – और ये इम्युनिटी में सुधार करने और ऑटोम्यून्यून रोगों को दबाने में मदद करते हैं।

Exit mobile version