आज हम स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में आपको बताएंगे। जामुन का पेड़ बड़े आकार का होता है, जिस पर गर्मियों के दौरान गुच्छों में जामुन के फल लगते हैं। इसका फल सुर्ख काले रंग का होता है। इस फल के अंदर एक बीज भी होता है, जिसके ऊपर एक हल्के गुलाबी और सफेद रंग की परत होती है। जामुन के बीज का अंदरूनी हिस्सा हरे रंग का होता है। यह बीज हल्का कठोर होता है, लेकिन हाथों के जरिए ताकत से दबाने पर यह टूट भी जाता है।
जामुन खाने के बाद हम जिन दानों को बेकार समझकर फेंक देते हैं वे हमारे लिए बेहद काम के हैं। गर्मियों में जामुन खाकर इसके दानों को हम स्टोर करके रख सकते हैं और किसी भी सीजन में इसका इस्तेमाल अपने स्वास्थ्य के लिए दवाई की तरह कर सकते हैं।
आइए जानें
हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक
अध्ययनों से पता चलता है कि जामुन विटामिन-सी और आयरन से भरपूर होता है, ऐसे में इसका सेवन हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के साथ रक्त को साफ रखने में भी सहायक है। रक्त के माध्यम से अंगों तक ऑक्सीजन ले जाने में हीमोग्लोबिन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। फल में मौजूद आयरन आपके खून को भी शुद्ध करता है। जिन लोगों में आयरन की कमी या एनीमिया की समस्या होती है उनके लिए भी जामुन का सेवन करना विशेष लाभप्रद हो सकता है।
टाइप-2 डायबिटीज वाले रोगियों के लिए फायदेमंद
जामुन में पाए जाने वाले पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स टाइप-2 डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने और ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने में सहायक हो सकता है। जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (25) कम होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य रखने में सहायक है। कुछ शोध में पता चलता है कि नियमित रूप से जामुन का फल या बीज का सेवन करने वाले लोगों में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बना रहता है।
हृदय रोगों का कम होता है जोखिम
हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु के बढ़ते जोखिम कारकों में से एक हैं, इस खतरे को कम करने के लिए भी जामुन का सेवन करना विशेष लाभकारी हो सकता है। जामुन में पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है जो आपके हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। 100 ग्राम जामुन में लगभग 55 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों को दूर रखने में इस फल का सेवन फायदेमंद होता है।
गैस्ट्रिक समस्या के लिए
अगर आप गैस्ट्रिक समस्या से परेशान हैं, तो जामुन बीज का उपयोग आपको इस समस्या से भी राहत दिला सकता है। माना जाता है कि जामुन बीज से निकलने वाले अर्क का इस्तेमाल कर गैस की समस्या से राहत मिल सकती है। हालांकि, यह किस प्रकार इस समस्या को ठीक करने में मदद करता है, इस पर अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
ब्लड प्रेशर के लिए
बढ़े हुए रक्तचाप को कम करने के लिए भी जामुन की गुठली के फायदे प्रभावी रूप से कार्य कर सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, जामुन के बीज में एलेजिक एसिड (Ellagic Acid) की मात्रा पाई जाती है। शोध में एलेजिक एसिड की मात्रा के सेवन करने से आश्चर्यजनक रूप से ब्लड प्रेशर में कम देखने को मिली। इस प्रकार एलेजिक एसिड के प्रयोग से ब्लड प्रेशर लगभग 36% तक कम हो सकता है।
पाचन क्रिया के लिए
एक स्वस्थ्य शरीर के लिए स्वस्थ पाचन क्रिया का होना जरूरी है। इसके लिए जामुन की गुठली का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। जामुन के बीज में क्रूड फाइबर (Crude Fiber) की मात्रा पाई जाती है। क्रूड फाइबर का सेवन बेहतरीन पाचन क्रिया के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसकी पूर्ति आप जामुन के बीज के जरिए कर सकते हैं