आज हम आपको स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में जानकारी देंगे। अच्छी जीवनशैली से हम अपनी सेहत को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके अलावा सर्दियों में सेहत का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। आज हम सर्दियों में फायदेमंद माने जाने वाली काफली सब्जी की जानकारी देंगे।
सेहत को मिलते हैं फायदें
उत्तराखंड की परंपरागत रेसिपी पालक काफली सर्दियों के लिए सेहतमंद मानी जाती है। पालक से बनी काफली भी बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है। यह सब्जी पैष्टिकता से तो भरपूर है। काफली (राई का साग) उत्तराखंड का एक पौष्टिक और पारंपरिक व्यंजन है, जिसके फायदे हैं कि यह आयरन से भरपूर होता है (खून की कमी दूर करता है), सर्दी-खांसी, जुकाम, और गले के रोगों में राहत देता है, पाचन सुधारता है, और शरीर को ऊर्जा व गर्माहट देता है, खासकर सर्दियों में। यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और हृदय रोगों में भी सहायक हो सकता है।
सर्दी-खांसी में राहत
इसके गर्म और तीखे गुण खांसी, जुकाम, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद होते हैं।
पाचन में सुधार
यह पाचन को दुरुस्त रखता है और पेट के रोगों में भी लाभकारी होता है।
पोषक तत्वों से भरपूर
इसमें विटामिन, खनिज (जैसे फॉर्मिक एसिड, एसिटिल कोलीन) और फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो शरीर को पोषण देते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
यह इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।
हृदय और ब्लड प्रेशर
यह हृदय रोगों और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
शरीर को गर्माहट
सर्दियों में खाए जाने पर यह शरीर को अंदर से गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करता है।
पालक की काफली बनाने की रेसिपी
एक बर्तन में थोड़ा पानी डालकर पालक को 2-3 मिनट तक हल्का उबाल लें। ध्यान रहे कि पालक का रंग गहरा हरा ही रहे। उबले हुए पालक को छान लें । अब पालक, अदरक और हरी मिर्च को एक ब्लेंडर में डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। फिर एक अलग कटोरी में बेसन को छास के साथ मिलाकर पतला घोल तैयार कर लें, ताकि उसमें गुठलियां न रहें। एक कड़ाही में तेल गरम करें। उसमें जीरा और हींग डालकर तड़कने दें। अब बेसन और छास का घोल कड़ाही में डालें और लगातार चलाते रहें ताकि बेसन नीचे न चिपके। घोल में उबाल आने पर पालक का पेस्ट और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। यदि काफली बहुत गाढ़ी लगे, तो पालक उबालने वाला पानी या थोड़ा और पानी मिला लें। काफली को धीमी आंच पर 8-10 मिनट तक पकने दें, जब तक कि वह गाढ़ी न हो जाए और बेसन का कच्चापन खत्म न हो जाए।गर्मागर्म पालक की काफली तैयार है! इसे चावल, खासकर ब्राउन या रागी की रोटी के साथ परोसें। ऊपर से एक चम्मच देसी घी या मक्खन डालकर इसका स्वाद दोगुना करें।