Health tips: सिर से लेकर ऐड़ी तक की बंद नसों को‌ चुटकियों में खोल देता है यह नुस्खा, जानिए

आज हम स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में आपको बताएंगे। कई समस्या से आजकल कई लोग परेशान हो रहे हैं और वो है शरीर की नसें ब्लॉक हो जाना। ऐसे व्यक्ति को संबंधित स्थान पर काफी तकलीफ का सामना तो करना ही पड़ता है। साथ ही, ग्रस्त स्थान पर गठान, जलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। नसों के ब्लॉक होने की समस्या अगर ह्रदय से जुड़ी मुख्य नसों में हो जाए तो हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह के महंगे महंगे ट्रीटमेंट करा लेते हैं। लेकिन, अकसर कैसेज में पीड़ित को हार मानकर संबंधित समस्या का ऑपरेशन कराना पड़ता है। हालांकि, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है कि, ऑपरेशन के बाद भी आजीवन इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताएंगे।

दूध में लहसुन-

शरीर की बंद नसों को खोलने का सबसे सस्ता व असरदार उपाय है 1 कप दूध में 3 लहसुन की कलियों को उबाल कर पीना। नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी नसों की ब्लॉकेज दूर होती दिखाई देगी।

अनार का रस-

नियमित रूप से अगर आप अनार का 1 गिलास जूस पीएंगे, तो आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी दुरुस्त रहेगा और किसी भी नस में ब्लॉकेज नहीं होगी।

बादाम का सेवन-

अगर आपको भी नसों में ब्लॉकेज की समस्या है, तो आप हर दिन कम से कम 50 से 100 ग्राम तक बादाम खाएं। हालांकि जिन लोगों के शरीर में कुछ दिक्कतें हों, तो उन्हें बादाम का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अखरोट और पेकन का सेवन भी नसों में ब्लॉकेज होने से रोकता है।

नुस्खे हेतु आवश्य सामग्री-

1 ग्राम दाल चीनी, 10 ग्राम अलसी, 10 ग्राम साबुत काली मिर्च, 10 ग्राम अखरोट गिरी, 10 ग्राम तेज पत्ता, 10 ग्राम मिश्री और 10 ग्राम मगज।

नुस्खा तैयार और सेवन करने की विधि-

समस्त सामग्री को आपस में मिलाकर अच्छी तरह से पीस लें। पीसने के बाद इस सामग्री से तैयार बारीक पाउडर को किसी कपड़े या छन्नी से छान लें। इसके बाद इस पाउडर से 5-6 ग्राम की पुड़िया बना कर तैयार कर लें। अब इस में से रोजाना सुबह खाली पेट एक पुड़िया गुनगुने पानी के साथ लेनी हैं। इस पुड़िया को लेने के लगभग आपको आधे घंटे तक किसी चीज का सेवन नहीं करना है। ऐसा करने से इंसान की एड़ी से लेकर चोटी तक शरीर की सभी ब्लॉक नसे खुल जातीं हैं। इससे कुछ ही दिनों में रोगी रोग मुक्त हो जाता है।

अस्वीकरण: अधिक जानकारी के लिए चिकित्सक सलाह अवश्य लें।