Site icon Khabribox

Health tips: हल्दी से मिलते हैं विभिन्न शारीरिक फायदें, जानें इसके लाभ

आज हम स्वास्थ्य से संबंधित फायदों के बारे में आपको बताएंगे। भारतीय मसालों में हल्दी (Haldi) का एक अलग ही महत्व है। यही कारण है कि आपको हर घर की रसोई में हल्दी ज़रूर मिलेगी। हल्दी खाने का स्वाद और रंग रूप तो बढ़ाती ही है साथ ही यह कई तरह के रोगों से भी रक्षा करती है। प्राचीन काल से ही हल्दी को जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य को भी काफी लाभ मिलते हैं।

हल्दी सिर्फ भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि विभिन्न तरह के शारीरिक फायदे भी प्रदान करती है। जानें हल्दी के फायदे-

चोट का घाव भरने में

अगर आपको छोटी मोटी चोट लग गई है तो उस जगह पर तुरंत हल्दी लगा ले। इससे चोट पर बहने वाला खून रुक जाता है और घाव भी जल्दी ठीक हो जाता है। हल्दी में घाव को जल्दी भरने के गुण होते है। यह चोट की जलन और दर्द को भी कम करने में मददगार है।

हाथ-पैरों का दर्द मिटाएं

हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण हाथ पैरों का दर्द मिटा देते है। कभी कभी हाथ-पैरों में दर्द होने लगता है ऐसा अक्सर ठंड के मौसम में ज्यादा होता है। तो ऐसे में आपको हल्दी का सेवन करना चाहिए आप गर्म दूध में हल्दी मिलाकर भी पी सकते है।

रक्त शोधन

हल्दी रक्त शोधन करने वाली होती है। रोजाना हल्दी खाने से रक्त में पाए जाने वाले विषैले तत्व शरीर से बाहर निकलते है। जिससे रक्त का बहाव भी अच्छे से होता है। रक्त पतला होने पर धमनियों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। इससे हृदय संबंधी समस्याएं भी नहीं होती।

मजबूत हड्डियां

हल्दी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती है। दूध में कैल्शियम होता है जिससे शरीर मजबूत बनता है और हल्दी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण होते है। जो हड्डी से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करते है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या भी कम होती है।

कैंसर से बचाएं

कच्ची हल्दी में करक्यूमिन तत्व पाए जाते है जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को बढ़ने से रोकते है। कच्ची हल्दी में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते है। कच्ची हल्दी पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर को कम करने में सहायक होती है। इस बात पर ध्यान देना जरुरी है की कच्ची हल्दी से कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है लेकिन इसे कैंसर का इलाज नहीं कह सकते।

पाचन सुधारे

पाचन संबंधित समस्या होने पर कच्ची हल्दी खाना चाहिए हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन पेट और पाचन की परेशानियों को ठीक करता है। करक्यूमिन में एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते है जिससे पाचन में सुधार होता है। डायरिया, अपच, गैस होने पर कच्ची हल्दी को पानी में उबाले और इसे पिएं।

लिवर रहे स्वस्थ

लिवर से संबंधित समस्या में कच्ची हल्दी फायदेमंद रहती है। कच्ची हल्दी का अचार, चटनी या किसी ना किसी रूप में सेवन जरूर करे। फैटी लिवर डिजीज, लिवर की विषाक्तता, लिवर सिरोसिस की बिमारियों में कच्ची हल्दी का सेवन करना लाभदायक होता है। लिवर से जुड़ी बीमारी के मरीजों को हल्दी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए।

अर्थराइटिस-ज्वाइंट्स पेन

अर्थराइटिस की समस्या या जोड़ों में दर्द की समस्या है तो इससे निजात पाने के लिए हल्दी का सेवन करे। हल्दी का सत का सेवन करने से अर्थराइटिस के लक्षणों में जैसे: दर्द, सूजन को कम करने में मदद करता है। शरीर में किसी जगह पर दर्द या सूजन है तो हल्दी का लेप लगाने से आराम मिलता है।

पायरिया में

पायरिया होने पर हल्दी में सरसों का तेल मिलाकर मसूड़ों पर मालिश करने से लाभ मिलता है। मसूड़ों पर मालिश करने के बाद गर्म पानी से कुल्ला करे आपको फायदा होगा।

मुँह के छालें

पाचन क्रिया खराब होने की वजह से मुँह में छाले हो जाते है। हल्दी में उष्ण गुण होते है। जिससे पाचकाग्नि को ठीक करने में मदद मिलती है। हल्दी मुँह के छालों को जल्द ही ठीक कर देती है।

रंगत निखारे

चेहरे की रंगत निखारने में हल्दी का सालों से प्रयोग किया जाता रहा है। हल्दी चेहरे की रंगत को बढ़ा देती है और चेहरे के कील मुहाँसे, दाग – धब्बों को कम कर देती है। हल्दी को अपने उबटन में मिलाकर लगाएं।

सिर की फुंसियों में

सिर में फुंसियां होने पर हल्दी और त्रिफला, नीम और चन्दन को पीसकर सिर पर मालिश करें।

कान बहने में आराम

कान के बहने में आराम पाने के लिए पानी में हल्दी डालकर उबाले छानकर इसे कान में डालें।

गले की खरास

गले की खराश दूर करने के लिए हल्दी, यवक्षार और चित्रक के २-५ ग्राम चूर्ण लें एक चम्मच शहद के साथ इसका सेवन करें

दाद खुजली में

त्वचा पर दाद खुजली हो गई है तो खुजली वाली जगह पर हल्दी का लेप लगाएं।

Exit mobile version