देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल का सीधा असर अब भारतीय बाजार पर दिखने लगा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में ₹22.03 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी इजाफा किया गया है।
इंडस्ट्रियल डीजल: ₹87.57 से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार)
प्रीमियम पेट्रोल (Speed/Power): ₹2.09 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
प्रभावी तिथि: नई दरें 20 मार्च, 2026 से लागू हो गई है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
हालांकि इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल निजी वाहनों या कारों में नहीं होता है, लेकिन इसकी कीमतों में ₹22 की रिकॉर्ड वृद्धि का चौतरफा असर देखने को मिलेगा। जिसमें फैक्ट्रियों, शॉपिंग मॉल्स और डेटा सेंटर्स में भारी जेनरेटर चलाने के लिए इसी डीजल का उपयोग होता है। लागत बढ़ने से उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।इसके अलावा जेसीबी, बुलडोजर और निर्माण कार्यों में लगी भारी मशीनों का खर्च बढ़ेगा, जिससे घर और सड़क निर्माण महंगे हो सकते हैं। कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने का सीधा बोझ अंततः ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा।
क्या होता है इंडस्ट्रियल डीजल?
यह डीजल मुख्य रूप से थोक (Bulk) में उद्योगों, बिजली उत्पादन और भारी मशीनरी के लिए खरीदा जाता है। इस पर सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं मिलती है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का इस पर तुरंत और बड़ा असर पड़ता है।
इन कीमतों में भी हो सकता है बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बदलाव देखा जा सकता है। फिलहाल, कंपनियों ने केवल प्रीमियम उत्पादों और औद्योगिक ईंधन की दरों में संशोधन किया है।