भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में एक बार फिर इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीता है। खिताबी मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।
भारत का शानदार प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एशियन गेम्स के इतिहास में यह कुल पांचवां मौका है जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीता है। जिसमें मैच की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहले 15 मिनट (पहले क्वार्टर) में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह से अपनी पकड़ बना ली भारत को मैच में कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर मिले। भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से 2 शानदार गोल दागे, जबकि जुगराज सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए 1 गोल किया। टीम के लिए एकमात्र फील्ड गोल शिलानंद लाकड़ा के स्टिक से निकला। वहीं दूसरे हाफ में भारतीय रक्षापंक्ति ने मलेशिया को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। पूरे मैच में मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेलो सिल्वेरियस ही कर सके। भारत के ऑलराउंड प्रदर्शन के आगे मलेशियाई टीम पस्त दिखी और भारत ने 5-1 की एकतरफा जीत के साथ गोल्ड मेडल जीता।