देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को ट्वीट के माध्यम से बड़ा ऐलान किया।
जानें इसकी खासियत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सामने आई जानकारी के अनुसार डीआरडीओ वैज्ञानिकों ने ‘मिशन दिव्यास्त्र’ के तहत मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक के साथ स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि -5 मिसाइल की पहली उड़ान परीक्षण कर लिया है। इसकी खासियत भी बेहद खास है। यह अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल है। यह मिसाइल 5 हजार किमी से भी ज्यादा दूर टारगेट को हिट कर सकने की क्षमता रखती है और भारत की आत्मरक्षा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण है। अग्नि 5 मिसाइलों से अब एक समय में कई टार्गेट पर निशाना लगाया जा सकता है। मिसाइल के ऊपर एक ऐसी प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे एक समय पर तीन अलग अलग टारगेट को इंगेज किया जा सकता है। इस मिसाइल को दागने के बाद बिना इंटरसेप्टर मिसाइल के रोका नहीं जा सकता है। यह मिसाइल पाकिस्तान एवं चीन के लिए चिंता का कारण हो सकती है।
चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हुआ भारत
जिसके बाद अब भारत एमआईआरवी क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है। इससे पहले इस तकनीक के इस्तेमाल में रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम नरेंद्र ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का ‘मिशन दिव्यास्त्र’ कामयाब हुआ है। उन्होंने एक्स पर लिखा- ”मिशन दिव्यास्त्र के लिए हमारे डीआरडीओ के वैज्ञानिकों पर गर्व है, मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक के साथ स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-5 मिसाइल का पहला सफल परीक्षण किया गया।