भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत से संबंधित जानकारी इस वेबसाइट में उपलब्ध, जानें

कुमाऊं मूल के भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत से संबंधित जानकारी वेबसाइट में भी मिलेगी।

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कुमाऊं मूल के भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत से संबंधित जानकारी अब www.pantpath.org वेबसाइट में भी मिल सकेगी। प्रसिद्ध इतिहासकार बीआर नंदा की ओर से संकलित 18 खंडों का संग्रह सलेक्टेड वर्क्स ऑफ भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत को डिजिटल रूप मिला है। यह शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होगा।

अल्मोड़ा में हुआ था जन्म

पंडित गोविन्द वल्लभ पंत का जन्म पिता मनोरथ पंत के घर 10 सितम्बर सन 1887 को ग्राम खूंट, अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ था। उनकी आरम्भिक शिक्षा अपने नानाजी की देख-रेख में अल्मोड़ा में घर पर ही हुई थी। गोविंद बल्लभ पंत भारत के दूसरे गृह मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और जमींदारी प्रथा को खत्म कराने में उन्होने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने हिंदू संहिता विधेयक पारित कराया और हिंदू पुरुषों के लिए एकपत्नीत्व अनिवार्य बना दिया था। उन्होंने हिंदू महिलाओं को तलाक और वंशानुगत संपत्ति के उत्तराधिकार के अधिकार दिए थे। भारत रत्न का सम्मान उनके ही गृह मन्त्रित्व काल में शुरू किया गया था, यही सम्मान उन्हें सन 1947 में उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के गृह मंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए भारत के तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद द्वारा प्रदान किया गया था।