खटीमा की तन्वी अग्रवाल द्वारा लिखित ”अनवेल लाइफ्स सीक्रेट (जीवन के रहस्य को जानो)” किताब 100 कहानियों का संग्रह है। “जीवन के रहस्य को जानो” किताब में लेखक ने अपने जीवन से जुड़ी और रोज मर्रा के जीवन में सामने आई घटनाओं को कहानियों में पिरोया है।
अपने जीवन से जुड़ी व घटित होने वाली वास्ताविक घटनाओं को किताब में पिरोया
खटीमा की तन्वी ने अपने जीवन से जुड़ी और रोज मर्रा के जीवन में घटने वाली घटनाओं को एक किताब के रूप में पिरोया है। अंग्रेजी में लिखि गई इस किताब का नाम है “अनवेल लाइफ्स सीक्रेट” (जीवन के रहस्य को जानो)।यह पुस्तक हाल ही में ब्लूरोज पब्लिसर द्वारा मार्केट में लॉन्च की गई है। यह किताब तन्वी ने कोरोना काल के दौरान प्लान की और पिछले छह माह से वह इस किताब को लिख रही हैं।
101 कहानियों का संग्रह है यह किताब
यह किताब 101 कहानियों का संग्रह है। जिसमें बोनस चेप्टर, सराउंडिंग थॉट आदि कहानियां हैं। यह किताब अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में भी निकाली गई थी। “अनवेल लाइफ्स सीक्रेट” एक सेल्फ हेल्प पुस्तक है। इसमें तन्वी ने जीवन की ऐसी कई परिस्थितियों का विवरण दिया है जब इंसान हार मान लेता है या अपनी असफलता का दोष दूसरों को देने लगता है। पाठकों के लिए, यह हर गुजरते अध्याय के साथ खुशी लाता है। जीवन और उसके पाठों के बारे में अवधारणाएं और लघु कथाएं पाठकों को अपने पिछले निर्णयों पर गर्व महसूस करने के लिए प्रेरित करेंगी। जिसका उन्हें पछतावा था। यह चीजें, लोगों और स्थानों के प्रति दृष्टिकोण बदलने के बारे में अधिक है।
तन्वी को बचपन से ही था लिखने का शौक
लेखिका तन्वी खटीमा निवासी सुमन एवं दिनेश अग्रवाल की पुत्री हैं। तन्वी को लिखने का शौक तब से था जब वह आठवीं में हिंद पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। सबसे पहले तन्वी ने पोयम लिखना शुरू किया। तन्वी ने बी.टेक किया है लेकिन साथ ही उन्हें लिखने का भी शौक है।
पुस्तक को 22 मई को किया गया था लॉन्च
“जीवन के रहस्य को जानो” किताब का कंटेंट उन्हें एक साल पहले कोरोना काल में आया। 22 मई को पब्लिशर ने इस किताब को लॉंच किया। अगली किताब उनकी पोयम की आएगी।
एक बच्चे और आदमी के बीच वार्तालाप के अंश
खटीमा के इस लेख में एक ऐसे लड़के की कहानी है जो हर दिन एक नए सपने के साथ जागकर अपना अगला लक्ष्य तय करता है। उसे पूरा करने के लिए वह दिन के अंत तक कड़ी मेहनत करता था। लेकिन, एक टार्गेट फिक्स ना होने के कारण अक्सर उसे असफलता हाथ लगती थी। इसमें एक बच्चे और एक आदमी के बीच हुई वार्तालाप के कुछ अंश इस तरह हैं।
लड़का : आप अपने जीवन में इतनी असफलताओं के बाद भी कैसे खुश रहते हैं?
आदमी: मैं खुश हूं क्योंकि मैं अपनी सीमाओं और असफलताओं को जानता हूं। मैं उन्हें स्वीकार करता हूं और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करता हूं।
लड़का : क्या आपकी असफलता आपको परेशान नहीं करती?
आदमी: सफलता और असफलता से आप जो सबक लेते हैं, वह आवश्यक हिस्सा है। असफलता कभी भी आपके जीवन में बाधा नहीं बननी चाहिए। सफलता प्राप्त करने के लिए आपको दिन-रात मेहनत करनी होगी।
लड़का : मैं भी अपने लक्ष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता हूं, लेकिन मैं कई बार फेल हो जाता हूं।
आदमी: आप अपने लक्ष्य के लिए दिन-रात कैसे काम करते हैं?
लड़का : हर रात मैं कुछ न कुछ सपना देखता हूं और सुबह जब उठता हूं तो उसे ही अपना अगला लक्ष्य बना लेता हूं.
आदमी: यहां आप गलत हो सभी सपने एक लक्ष्य नहीं बन सकते और एक ही दिन में पूरे नहीं हो सकते। मान लीजिए यदि आप एक रात एक किताब प्रकाशित करने का सपना देखते हैं, तो आप इसे एक दिन में कैसे प्राप्त करेंगे? किसी पुस्तक को प्रकाशित करने के विभिन्न चरण होते हैं, जिसमें शीर्षक और प्रकाशक तय करना, पांडुलिपि तैयार करना और बहुत कुछ शामिल है।