आज हम आपको सितंबर माह में आने वाली परिवर्तिनी एकादशी की जानकारी देंगे। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी व्रत रखा जाता है। इस साल परिवर्तिनी एकादशी 3 सितंबर, बुधवार को है। परिवर्तिनी एकादशी को पार्श्व एकादशी, पद्मा एकादशी या जयंती एकादशी के नाम से भी जानते हैं। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में 2 एकादशी आती है और पूरे साल में 24 एकादशी आती है। सभी एकादशी का अपना अलग अलग शास्त्रीय महत्व माना जाता है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रत्येक एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा के साथ करता है, उसे संसार के सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
जानें शुभ मुहूर्त
मान्यता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु शमन करते हुए करवट लेते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन रूप व मां लक्ष्मी की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी मानी गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 03 सितंबर को सुबह 04 बजकर 53 मिनट पर प्रारंभ होगी और अगले दिन 04 सितंबर को सुबह 04 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन पूजन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:30 बजे से सुबह 05:15 बजे तक रहेगा। रवि योग सुबह 06 बजे से रात 11:08 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक रहेगा। अमृत काल शाम 06:05 बजे से शाम 07:46 बजे तक रहेगा।