अखिल भारतीय समानता मंच की कोर बैठक में समाज, प्रदेश, समानता और बराबरी के अधिकार तथा राष्ट्र की स्थिति पर विमर्श किया गया। राज्य में सभी भर्तियों की निगरानी के लिए अधिकार संपन्न निरीक्षक संस्था बनाए जाने पर भी जोर दिया गया। आयोग के अधीन सहित सभी रिक्त पदों पर अविलंब स्थाई नियुक्तियां किए जाने की मांग की।
गोल्डन कार्ड योजना में सुधार करते हुए ओपीडी चिकित्सा कैशलेस किए जाने की मांग उठाई
आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में हिमाचल प्रदेश की भांति भू-कानून लागू करने की दिशा में सभी दलों और जनप्रतिनिधियों को सदन में ठोस प्रस्ताव पेश करना चाहिए, जिससे इस आशय का कानून अस्तित्व में लाया जा सके। कार्मिकों, पेंशनरों तथा उनके आश्रितों के लिए गोल्डन कार्ड योजना में सुधार करते हुए ओपीडी चिकित्सा कैशलेस किए जाने की भी मांग उठाई। जिससे संबद्ध अस्पतालों की उपचार संबंधी सभी सुविधाओं का लाभ कार्ड धारकों को मिल सके। कहा कि इस मामले में कई समितियों के गठन के बावजूद लटकाया जाना चिंताजनक है। राज्य में नई पेंशन योजना से आच्छादित कार्मिकों, शिक्षकों, अधिकारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने भी मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार के इस मामले में केंद्र को पत्र लिखा जाना छलावा मात्र है। गोष्ठी में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक अधिकार और संसाधन संपन्न ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की मांग भी पुन: उठाई गई।
ये रहे मौजूद
सभा की अध्यक्षता प्रताप नेगी और संचालन रमेश सिंह ने किया। सभा में शिवराज सिंह बिष्ट, मनोज कुमार जोशी, पीसी तिवारी, ख्याली दत्त, भुवन कर्नाटक, मनमोहन देव, राजेश, प्रेम चंद , नरेश कुमार, दीपक बिष्ट आदि मौजूद रहे।