20 मार्च: झूलेलाल जयंती आज, नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक, वरूण देव के अवतार माने‌ जाते हैं भगवान झूलेलाल

आज 20 मार्च 2026 है। आज झूलेलाल जयंती मनाई जाती है। झूलेलाल जयंती, जिसे चेटी चंड के नाम से भी जाना जाता है, सिंधी समाज का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व सिंधी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।

भगवान झूलेलाल

सिंधी समुदाय भगवान झूलेलाल को वरुण देव (जल के देवता) का अवतार मानता है। उन्हें ‘इष्ट देव’ के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने 10वीं शताब्दी में सिंध में क्रूर शासक ‘मिरखशाह’ के अत्याचारों से जनता को बचाने के लिए अवतार लिया था। यह त्योहार केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि भाईचारे और एकता का प्रतीक है। झूलेलाल जी ने शांति और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया था, यही कारण है कि उन्हें हिंदू और मुस्लिम (ख्वाजा खिज्र के रूप में) दोनों ही सम्मान देते हैं।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे से शुरू होगी। प्रतिपदा तिथि समाप्त- 20 मार्च 2026 को सुबह 04:52 बजे तक रहेगा।
चेटी चंड पूजा मुहूर्त: शाम 06:32 बजे से रात 07:59 बजे तक रहेगा। कुल अवधि लगभग 1 घंटा 26 मिनट्‍स।

खास है महत्व

झूलेलाल जयंती का सबसे बड़ा महत्व “सत्य की रक्षा और सिंधी संस्कृति की एकता” है; यह पर्व अन्याय पर धर्म की जीत, नए साल की खुशहाली और जल देवता के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।