बड़ी खबर: वक्फ बोर्ड के अधिकार कम करने की तैयारी में मोदी सरकार, एक क्लिक में पढ़िए पूरी खबर

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। सरकार वक्फ बोर्ड में बदलाव कर सकती है। यह विषय चर्चा का विषय बना हुआ है।

सरकार कर सकती है बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही वक्फ बोर्ड अधिनियम में कई बड़े बदलाव कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साथ ही संसद में अगले हफ्ते इस बिल को लाया जाएगा, जिसमें कई संशोधन हो सकते हैं। जिसके तहत इसकी शक्तियों को कम किया जाएगा। सरकार ने लगभग 40 बदलावों का प्रस्ताव रखा है। विधेयक में वक्फ अधिनियम की धारा 9 और धारा 14 में संशोधन का भी प्रस्ताव है। इस विधेयक को शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। जिसके तहत वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करना है। बोर्ड की संरचना में परिवर्तन का भी प्रस्ताव है। निकायों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव है।

वक्फ का अर्थ

रिपोर्ट्स के मुताबिक  वक्फ बोर्ड अधिनियम-1954 में वक्फ बोर्ड को असीमित शक्तियां नहीं दी गई थीं। जिसमें 1995 में नरसिंह सरकार व 2013 में यूपीए सरकार में बोर्ड को असीमित शक्तियां दी गईं। अधिनियम में संशोधन किया गया कि बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा कर दे तो यह उसकी संपत्ति मानी जाएगी। वक्फ अरबी भाषा का शब्द है। इसका मतलब है खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या परोपकार के लिए दिया गया धन। इसके दायरे में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां आती हैं। कोई भी मुस्लिम व्यक्ति पैसा, जमीन, मकान या कोई और कीमती चीज वक्फ को दान कर सकता है। इन संपत्तियों के रख-रखाव और उनका प्रबंधन करने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक वक्फ निकाय हैं। वक्फ को दान में मिलने वाली जमीन, धन, मकान या फिर अन्य चीजों की देख रेख के लिए उनका खास प्रबंधन है। यह प्रबंधन राष्ट्र से लेकर स्थानीय दोनों स्तर पर होता है। वक्फ निकाय इन सभी दान चीजों का ध्यान रखता है।