नैनीताल से जुड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल जिले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट संजीव कुमार की कोर्ट ने गांजा मामले में फैसला सुनाया है। जिस पर अदालत ने महिला सहित तीन अभियुक्तों को एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दोषी करार देते हुए 12-12 साल के कठोर कारवास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
जानें क्या है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूजा साह के अनुसार बताया गया कि छह जून 2016 को थाना रामनगर क्षेत्र में एसआइ मुनव्वर हुसैन, एसआई हरीश पुरी व पुलिस कर्मी चौकी गर्जिया गेट पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर टीम ने गर्जिया चौकी के पास तीन संदिग्ध लोगों की तलाशी ली। इस तलाशी में मनीष सजवाण निवासी सतेराखाल जिला रुद्रप्रयाग, हाल निवासी पशुपति विहार कालोनी काशीपुर के पास से छह किलो 125 ग्राम, सीता पत्नी हरप्रसाद सिंह निवासी शंकर पुरी थाना आइटीआइ काशीपुर के पास पांच किलो 710 ग्राम व कृपाल सिंह निवासी ग्राम रैटामाफी, थाना डिलार, जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश हाल निवासी शंकरपुरी कालोनी काशीपुर के पास से 11 किलो 444 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस में मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
शुक्रवार को सुनाई सजा
एडीजीसी पूजा साह की ओर से अपराध साबित करने के लिए छह गवाह व 27 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। जिस पर कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को एनडीपीएस में दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए।