कुमाऊं की अनूठी रामलीला पर आधारित पुस्तक ओपेरामा कुमाऊंनी रामलीला, जानें

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर सामने आई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा प्रकाशित कुमाऊं की अनूठी रामलीला पर आधारित पुस्तक ओपेरामा कुमाऊंनी रामलीला का कुछ समय पहले लोकार्पण किया गया है।

कुमाऊनी रामलीला का समावेश-

बताया गया है कि उत्तराखंड की अनूठी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाली कुमाऊंनी रामलीला 10 दिनों तक चलती है और यह संसार की सबसे लंबी ओपेरा प्रस्तुतियों में से एक है। कुमाऊंनी रामलीला’ विश्व में सबसे अधिक समय तक खेली जाने वाली ऑपेरा शैली की विशिष्ट रामलीला है। इसमें भारतीय संस्कृति का पूरा समागम दिखाई देता है। बताया गया है कि इस रामलीला के अभ्यास को ‘तालीम’ कहा जाता है। यह सिर्फ अल्मोड़ा में स्थित नहीं है, पिथौरागढ़ का अपना रंग अलग है, नैनीताल का रंग अलग है। ये निकला अल्मोड़ा से है लेकिन पिथौरागढ़ वालों ने इसमें चार चांद लगा दिए हैं। इसमें हिन्दी, ब्रज, अवधी और उर्दू भाषा के शब्द भी खूब शामिल हैं।

कुमाऊं की रामलीला

देश के अन्य भागों की तरह ही उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊं अंचल में भी शारदीय नवरात्र में रामलीला के मंचन की परंपरा काफी  पुरानी मानी जाती है, जो वर्तमान  तक चली आ रही है। कुमाऊँ की रामलीला में बोले जाने वाले संवादों, धुन, लय, ताल व सुरों में पारसी थियेटर की छाप स्वाभाविक रूप से दिखायी देती है।   इसके साथ ही ब्रज के लोकगीतों और नौटंकी शैली का प्रभाव भी इसमें मौजूद है। कुमाऊँ की रामलीला में वाचक अभिनय अधिक होता है, जिसमें पात्र एक ही स्थान पर खडे़ होकर हाव-भाव प्रदर्शित कर संवादों को भी गाकर प्रस्तुत करते हैं।