आज 25 नवंबर 2025 है। आज नाग दिवाली मनाई जाती है। नाग दिवाली का त्योहार देव दिवाली के ठीक 20 दिन बाद मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व मंगलवार 25 नवंबर 2025 को पड़ रहा है। हिंदू धर्म में नाग देवता को समर्पित नाग दिवाली का पर्व बेहद खास है। सावन मास में पड़ने वाली नाग पंचमी की तरह नाग दिवाली का पर्व भी नाग देवता के प्रति सम्मान और आस्था प्रकट करने के लिए मनाया जाता है।
खास है महत्व
हिंदू पंचांग के मुताबिक नाग दिवाली हर साल मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। नाग देवता को हिंदू धर्म में पाताल लोक का स्वामी भी माना गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह त्योहार मुख्य रूप से भारत के उत्तराखंड के चमोली जिले और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्रों में मनाया जाता है। नाग दिवाली का पर्व प्रकृति, आस्था और प्रकाश से जुड़ा पर्व है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और नाग देवता की छवि या आकृति बनाकर वंश वृद्धि, कालसर्प दोष निवारण, पारिवारिक खुशहाली आदि के लिए पूजा करते हैं। इस दिन घरों में रंगोली बनाते हैं और दीपक जलाते हैं।
उत्तराखंड के इस जिले में उत्सव के साथ मनाया जाता है यह पर्व
यह पर्व मार्गशीर्ष (अगहन) माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह अक्सर देव दिवाली या कार्तिक पूर्णिमा के लगभग 20 दिन बाद आता है। यह विशेष रूप से उत्तराखंड के चमोली जिले और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जैसे कुछ क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार यह माना जाता है कि नाग दिवाली के दिन नाग देवता की विशेष पूजा और दीपदान करने से कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष का पूरी तरह से निवारण हो जाता है। कालसर्प दोष जीवन में कई तरह की समस्याएं, जैसे विवाह में देरी, नौकरी या व्यापार में कठिनाई, आकस्मिक दुर्घटना पैदा करता है, इसका निवारण हो जाता है।