पति-पत्नी के बीच सुलह नहीं होने पर नहीं करना होगा छः महीनों का इंतजार, उच्चतम न्यायालय ने सुनाया ये फैसला
उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि वह तलाक के असाध्य मामलों में संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसा तभी संभव जब पति-पत्नी के बीच सुलह की सभी संभावनाएं समाप्त हो गई हो। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता में संविधान…