वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वर्ष 2023-24 के केन्द्रीय बजट की तैयारियों के सिलसिले में विभिन्न हितधारकों के समूहों से प्री बजट पूर्व विचार-विमर्श किया। बैठक में कुछ अहम मुद्दों पर विचार किया गया। यहीं मोदी सरकार का मानना है कि इन्फ्रा क्षेत्र की मजबूती से लाखों रोजगार पैदा होंगे। जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इन्फ्रा परियोजनाओं को फंड मुहैया कराने के लिए सरकार ने मोनेटाइजेशन योजना भी लांच की है। क्षेत्र को गति देने के लिए बैठक में इन्फ्रा क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों और एक्सपर्ट के साथ चर्चा की गई।
खेती-किसानी व कृषि प्रसंस्करण से जुड़े मुद्दों पर मंगलवार को की जाएगी चर्चा
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को भी प्री-बजट मीटिंग करेंगी और इस बार खेती- किसानी व कृषि प्रसंस्करण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में वित्त मंत्रालय और फाइनेंशियल इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल होंगे। वित्तमंत्री सर्विस सेक्टर और उद्योग संगठनों के साथ भी बैठक करेंगी। यह बैठक 24 नवंबर को होगी। इसमें हेल्थ, एजुकेशन, वाटर और सैनिटेशन से जुड़े लोग शामिल किए जाएंगे।
सरकार ने बजट 2023 को लेकर सभी हितधारकों से मांगे सुझाव
28 नवंबर को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों और अर्थशास्त्रियों के साथ बजट को लेकर मंथन करेंगे। सभी हितधारकों से सरकार ने बजट 2023 को लेकर सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद इन्हें 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले आम बजट में शामिल किया जाएगा।
लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट
साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। अप्रैल-मई 2024 में अगला आम चुनाव होने वाला है और इससे पहले सरकार के सामने महंगाई, विकास दर, रोजगार जैसी कई चुनौतियां हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पांचवां बजट होगा जबकि इसके बाद अगला चुनाव भी होना है।
बैठक में मौजूद रहे
वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी व भगवत कराड़ इसके अलावा वित्त सचिव टीवी सोमनाथन, आर्थिक मामलात विभाग के कई सचिव, दीपम के सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरण, इन्फ्रा और पर्यावरण से जुड़े कई स्टेकहोल्डर्स भी बैठक में मौजूद रहे।