युवाओं के लिए करियर और अवसर को बढ़ावा देने के लिए देश में 12 दिसंबर 2022 सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 197 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। शिक्षुता मेले को स्किल इंडिया मिशन के तहत कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
युवाओं को अपने कंपनी के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए मेले में कई स्थानीय व्यवसायों को भी आमंत्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले (प्राइम नेशनल अप्रेंटिसशिप फेयर)का उद्देश्य
इसका प्रमुख उद्देश्य कंपनियों को अधिक प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का लक्ष्य 2022 के अंत तक भारत में अप्रेंटिसशिप के अवसरों को बढ़ाकर 10 लाख और 2026 तक 60 लाख करना है। इससे उच्च शिक्षा तक विश्वसनीय मार्ग बनाने के अलावा शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षुता को शामिल करना है।
जानिए शिक्षुता मेले में भाग लेने के लिए पात्रता
जिन उम्मीदवारों ने कक्षा 5 से 12 पास कर चुके हैं और जिनके पास प्रशिक्षण प्रमाणपत्र है, या आईटीआई धारक या स्नातक हैं। वे इस शिक्षुता मेले के दौरान आवेदन कर सकते हैं।
जानिए प्रशिक्षु मेले में भाग लेने के लिए कैसे करें आवेदन
प्रशिक्षु मेले में भाग लेने के लिए वेबसाइट https://www.apprenticeshipindia.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही इस वेबसाइट से मेले के निकटतम स्थान का पता भी लगा सकते हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले से नामांकन किया है उन्हें भी संबंधित दस्तावेजों के साथ ही जाना है।
जानिए मेले में युवाओं को ले जाने वाले डॉक्यूमेंट
शिक्षुता मेले में युवाओं को डॉक्यूमेंट के रूप में रिज्यूमे की तीन कॉपी, सभी मार्कशीट और सर्टिफिकेट की तीन कॉपी, फोटो आईडी (आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस आदि) और तीन पासपोर्ट साइज फोटो लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना है।
जानिए मेले से रोजगार दर में होगा सुधार
मेले में प्रशिक्षण सत्र के बाद युवाओं के रोजगार दर में सुधार होगा। शिक्षुता मेले के माध्यम से सभी उम्मीदवार को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा। देश में हर महीने युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अप्रेंटिसशिप मेलों (शिक्षुता मेले) का आयोजन किया जाता है। जिसमें चयनित व्यक्तियों को मासिक वेतन मिलता है और नए कौशल सीखने का मौका मिलता है।
मेले में विभिन्न क्षेत्रों की विभिन्न कंपनियां भाग ले रही हैं। इसमें भाग लेने वाली कंपनियों के पास एक ही मंच पर संभावित प्रशिक्षुओं से मिलने और मौके पर ही आवेदकों को चुनने का मौका होगा। इसके साथ ही कंपनियां युवाओं को नई स्किल के बारे में भी जागरूक करेंगी।
बता दें कि स्किल इंडिया मिशन के तहत सरकार शिक्षुता प्रशिक्षण के माध्यम से प्रति वर्ष दस लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रही है। इस मिशन को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले का उपयोग प्रतिष्ठानों और छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में किया जा रहा है।