देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। चंद्रयान-3 से जुड़ी खबर है। आज 23 अगस्त चंद्रयान-3 के लिए बड़ा दिन है। चंद्रयान-3 आज 23 अगस्त, 2023 (बुधवार) को लगभग 06:04 पर चंद्रमा पर उतरने के लिए तैयार है।
आज चंद्रयान-3 की लैंडिंग
इसके साथ ही चंद्रमा पर जाने वाले गिने-चुने देशों में शामिल होने वाले मुल्कों की कतार में शामिल होने के लिए भारत एक कदम और आगे बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर (इसरो) के मुताबिक लैंडर आज 23 अगस्त शाम 6 बजकर 04 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। लैंडर विक्रम और रोवर चांद के साउथ पोल पर लैंड करेंगे। अगर चंद्रमा-3 की सॉफ्ट लैंडिंग सफलतापूर्वक हो जाती है तो भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।
लैंडिंग से 02 घंटे पहले लिया जाएगा जायजा
आज लैंडर 23 अगस्त की शाम 6:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र को छूने वाला है। इस सफलता के साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इसके साथ ही बताया गया है कि “चंद्रयान के चांद पर उतरने से 2 घंटे पहले हम लैंडर और चांद की स्थिति का जायजा लिया जाएगा और उसके बाद लैंडर के चांद पर लैंड कराने पर फैसला लेंगे। अगर लगेगा की लैंडर या चांद की स्थिति उतरने के लिए ठीक नहीं है तो इसे 27 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा। वैसे 23 अगस्त को लैंडर को लैंड कराने की कोशिश की जाएगी।
जानें विक्रम लैंडर की खासियत
रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया है कि पृथ्वी पर चंद्र स्थितियों की नकल करना असंभव है, फिर भी विक्रम लैंडर सर्वोत्तम लैंडिंग साइट की खोज के लिए खतरे का पता लगा सकता है। “विक्रम लैंडर में दो ऑन-बोर्ड कंप्यूटर हैं, जबकि, चंद्रयान-2 में केवल एक था,” कहा है कि “99.9%” विश्वास है कि विक्रम लैंडर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करेगा।
चंद्रयान का ही अगला चरण चंद्रयान-3
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसरो के अधिकारियों के मुताबिक, चंद्रयान-3 मिशन चंद्रयान-2 का ही अगला चरण है, चंद्रयान-3 का फोकस चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंड करने पर है। मिशन की सफलता के लिए नए उपकरण बनाए गए हैं। एल्गोरिदम को बेहतर किया गया है। जिन वजहों से चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा की सतह पर उतरने में असफल हुआ। जिसके बाद अब उन पर फोकस किया गया है।
14 जुलाई को हुआ था लांच
दरअसल चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान (Chandrayaan 3) को भारत के हेवी लिफ्ट रॉकेट एलवीएम3 द्वारा कॉपीबुक शैली में 14 जुलाई, 2023 को कक्षा में स्थापित किया गया था।
चंद्रयान-3 के फेल होने का चांस बेहद कम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस का लूना-25 चंद्रयान-3 के बाद चंद्रमा के सफर पर निकला था, लेकिन वह पहले चांद के करीब पहुंचा गया और क्रैश हो गया। वैज्ञानिकों ने माना है कि स्पीड अनियंत्रित होने के चलते लूना चांद पर जाकर क्रैश हुआ। ऐसे में वैज्ञानिक यह दावा कर रहे हैं कि चंद्रयान-3 का रूट लूना-25 की तुलना में ज़्यादा सुरक्षित है, इस कारण इसकी सॉफ्ट लैंडिंग की संभावना बहुत ज्यादा है।