खास पहल: देश का पहला एक ऐसा गांव जो हुआ ‘जाति मुक्त’ घोषित, जानें किस शहर में है, जानिए

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। आज हम एक ऐसे गांव की बात कर रहे हैं, जहां ग्रामसभा ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर खुद को ‘जाति मुक्त’ घोषित कर दिया है।

विकास के लिए यह एकता अनिवार्य

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के एक छोटे से गांव ‘सौंदला’ ने यह खास पहल शुरू की है। यहां सौंदला ग्रामसभा ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर खुद को ‘जाति मुक्त’ घोषित कर दिया है। जिसके बाद अब इस गांव के लोग अपने नाम के आगे जातिसूचक उपनाम (सरनेम) का प्रयोग नहीं करेंगे। गांव में अब किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी सामाजिक कार्यक्रम में जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि जाति व्यवस्था केवल समाज को बांटने का काम करती है, जबकि विकास के लिए एकता अनिवार्य है।

युवाओं ने शुरू की पहल

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पहल की शुरुआत गांव के शिक्षित युवाओं ने की थी। बीते दिनों पांच फरवरी को ग्राम प्रधान शरद बाबूराव अरगड़े की अध्यक्षता में आयोजित ‘विशेष ग्राम सभा’ की बैठक में यह क्रांतिकारी निर्णय लिया गया। ग्रामसभा के संकल्प के अनुसार गांव के बच्चे अब स्कूलों में पंजीकरण कराते समय जातिसूचक उपनाम की जगह केवल पिता का नाम या ‘भारतीय’ शब्द का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किए जाएंगे। साथ ही गांव में अब किसी भी उत्सव पर अलग-अलग टोलियों की जगह ‘एक पंगत’ (सामूहिक भोज) की व्यवस्था होगी। गांव के मंदिरों और कुओं पर अब किसी विशेष वर्ग का वर्चस्व नहीं रहेगा, बल्कि हर ग्रामीण समान रूप से इनका उपयोग करेगा।