देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने एक बड़ा फैसला लिया है।
लिया यह बड़ा फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनीता विलियम्स ने 27 साल की सेवा के बाद नासा को अलविदा कह दिया है। सुनीता विलियम्स, जो अपने रिकॉर्ड-ब्रेकिंग स्पेस वॉक और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर नौ महीने के मुश्किल अनुभव के लिए जानी जाती हैं, रिटायर हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एजेंसी ने मंगलवार को उनके रिटायरमेंट की पुष्टि की। नासा ने बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर 2025 के अंत से प्रभावी होगा। 8 दिन की आखिरी यात्रा पर अंतरिक्ष में गईं विलियम्स करीब 9 महीने के बाद लौट सकी थीं। फिलहाल, वह भारत में हैं। इसके साथ ही अंतरिक्ष में 608 दिनों से ज़्यादा के उनके शानदार करियर का अंत हो गया।
यहां हुआ जन्म
सुनीता विलियम्स गुजरात के अहमदाबाद से थीं। सुनीता विलियम्स का जन्म 19, सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो के क्लीवलैंड में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती थे और मेहसाणा जिले के झुलासन के रहने वाले थे, जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनिया की थीं। परिवार सुनीता के जन्म के पहले ही 1958 में अहमदाबाद से अमेरिका के बोस्टन में बस गए थे। सुनीता विलियम्स का 1998 में जून में अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा में सिलेक्शन हुआ था। सुनीता 2006 में पहली बार अंतरिक्ष गई थी। सुनीता विलियम्स साल 2006 और 2012 में दो बार स्पेस में जा चुकी हैं। नासा के रिकॉर्ड के मुताबिक वो स्पेस में अबतक कुल 322 दिन बीता चुकी हैं। वह नौसेना पोत चालक, हेलिकॉप्टर पायलट, पेशेवर नौसैनिक, मैराथन धावक भी रही हैं। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में लंबे समय तक रूकने का रिकॉर्ड तो बनाया था, साथ ही उन्हें 50 घंटे तक स्पेस वॉक करने का रिकॉर्ड भी बनाया था। सुनीता विलियम्स को भारत सरकार द्वारा साल 2008 में साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।