जीवन में जितना मां का स्थान होता है, उतना ही शिक्षक का होता है। उन्हीं शिक्षकों के प्रति सम्मान व कृतज्ञता जताने के लिए देश में हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वैसे तो शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए अलग-अलग देश में अलग-अलग तारीखों को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। लेकिन भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। साथ ही इस दिन देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का चुनाव कर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 प्रदान किया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य देश के बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को सेलिब्रेट करना और उनका सम्मान करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत से न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध किया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मेधावी शिक्षकों को सार्वजनिक मान्यता प्रदान करता है। इस पुरस्कार के लिए इस साल देश भर से 46 शिक्षकों का चयन, तीन चरण की एक कठोर और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।
इन शिक्षकों ने नन्हे-मुन्हें बच्चों को संवारते हुए,देश के प्रगति में लगातार योगदान रहे हैं। भारतीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ये शिक्षक छात्रों को प्राथमिक और माध्यमिक स्तर से ही टेक्नोलॉजी से लेकर पर्यावरण संरक्षण और खेल जैसे कई अलग-अलग क्षेत्र में उन्हें पारंगत कर रहे हैं।
भारत में गुरु शिष्य की जोड़ी
भारतीय समाज की स्मृति में चाणक्य-चंद्रगुप्त, धौम्य-उद्दालक, द्रोणाचार्य-अर्जुन, रामकृष्ण परमहंस-विवेकानंद और दादा भाई नौरोजी और महात्मा गांधी जैसी गुरु-शिष्य की जोड़ियां बड़ी प्रसिद्ध हैं, जिन्होंने युगांतरकारी उपलब्धियां कीं और देश काल की धारा बदल दी।
“गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट, अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट”
कबीर दास जी कहते है कि शिक्षक एक कुम्हार की तरह है और छात्र पानी के घड़े की तरह। जो उनके द्वारा बनाया जाता है और इसके निर्माण के दौरान वह बाहर से घड़े पर चोट करता है। इसके साथ ही सहारा देने के लिए अपना एक हाथ अंदर भी रखता है।
किन देशों में मनाया जाता है शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है। हर देश में इस दिवस को मनाने की तारीख अलग-अलग है। चीन में 10 सितम्बर, तो अमेरिका में 6 मई, ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर का अंतिम शुक्रवार, ब्राजील में 15 अक्तूबर और पाकिस्तान में पांच अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसके अलावा ओमान, सीरिया, मिस्र, लीबिया, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, सऊदी अरब, अल्जीरिया, मोरक्को और कई इस्लामी देशों में 28 फरवरी को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
भारत में 5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है
आजाद भारत में शिक्षा को एक नया आयाम देने में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1962 में राधाकृष्णन जब भारत के राष्ट्रपति थे, उन दिनों उनके कुछ पुराने छात्र और दोस्त उनके पास पहुंचे और उनके जन्मदिवस को मनाने का निवेदन करने लगे, जिसके बाद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अनुमति देने के साथ ही कहा कि वो अपने जन्मदिन को सभी शिक्षकों के साथ मनाना चाहते हैं। जिसके बाद से सरकार ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस की घोषणा कर दी।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति होने से पहले एक विद्वान, महान शिक्षक, वक्ता, देशभक्त और शिक्षा शास्त्री रहे। उनका मानना था कि भारतीय संस्कृति धर्म ज्ञान और सत्य पर आधारित है, जो प्राणी को जीवन का सच्चा संदेश देती है। राधाकृष्णन के इन्हीं विचारों और दर्शनशास्त्र जैसे गंभीर विषय को भी वह अपनी शैली से सरल, रोचक और प्रिय बना देते थे, जिससे छात्र और शिक्षक का रिश्ता और गहरा हो गया और उनके जन्मदिवस को शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा। कुशल विद्वान और शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे।