देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए है। भारत की आगामी और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना अप्रैल में शुरू होगी।
दी यह जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें पहला चरण 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा। इसमें देश भर के घरों की गिनती का कार्य किया जाएगा। भारत के जनगणना आयुक्त और महापंजीयक, मृत्युंजय कुमार नारायण ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में बताया है कि घरों के सूचीकरण अभियान और आवास गणना 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी। इस चरण में प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
जानें क्या है जातिगत जनगणना
जातिगत जनगणना का अर्थ है जनगणना की कवायद में भारत की जनसंख्या का जातिवार सारणीकरण शामिल करना। देश में जनगणना की शुरुआत 1881 में हुई थी। पहली बार हुई जनगणना में जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी हुए थे। इसके बाद हर दस साल पर जनगणना होती रही। 1931 तक की जनगणना में हर बार जातिवार आंकड़े भी जारी किए गए। 1941 की जनगणना में जातिवार आंकड़े जुटाए गए थे, लेकिन इन्हें जारी नहीं किया गया। आजादी के बाद से हर बार की जनगणना में सरकार ने सिर्फ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के ही जाति आधारित आंकड़े जारी किए। अन्य जातियों के जातिवार आंकड़े 1931 के बाद कभी प्रकाशित नहीं किए गए। यह धर्मों, भाषाओं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित डेटा भी प्रकाशित करता है।