दुखद: नहीं रहें ज्ञानपीठ से सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल, 89 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है।

शोक की लहर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 89 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। वो पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। जिस पर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहीं उन्हें दो दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वे वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। वहीं उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AAIMS) में आज अंतिम सांसे ली।

किया गया था सम्मानित

‘नौकर की कमीज’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘एक चुप्पी जगह’ जैसे उपन्यासों के रचयिता विनोद कुमार शुक्ल को 59 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें पिछले महीने ही हिंदी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वह गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप, साहित्य अकादेमी पुरस्कार, शिखर सम्मान, राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।