काशीपुर: न्यायायिक मजिस्ट्रेट/ प्रथम अपर सिविल जज करिश्मा डंगवाल की अदालत ने चेक बाउंस के दोषी को तीन माह की सजा और दो लाख सत्तर हजार के जुर्माने से दंडित किया है।
जानें पूरा मामला
कोर्ट रोड निवासी बीना गुप्ता ने न्यायालय में परिवाद दायर कर कहा था कि आरके पुरम मानपुर रोड निवासी राजेश शर्मा उसके घर दूध, दही, घी आदि देते चले आ रहे हैं। राजेश ने कुछ समय पहले अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए ढाई लाख रूपये उधार मांगे। उधार चुकता करने के लिए राजेश ने वर्ष 2018 में ढाई लाख का चेक बीना को दे दिया। बैंक में लगाने पर अक्तूबर 2018 में चेक बाउंस हो गया।
138 एनआई एक्ट का मुकदमा न्यायालय में दर्ज
नोटिस के बाद भी रकम नहीं लौटाने पर बीना ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल के माध्यम से 138 एनआई एक्ट का मुकदमा न्यायालय में दर्ज कराया। न्यायालय में अधिवक्ता की बहस और पत्रावलियों में उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन कर राजेश शर्मा को दोष सिद्ध करते हुए तीन माह की सजा सुनाई है।