उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में 45वें सिकॉट ऑर्थोपेडिक वर्ल्ड कांग्रेस आयोजित हुआ। जिसमें दून के चिकित्सक पिता-पुत्र की जोड़ी ने देश व देवभूमि उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
शोध का आयोजन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रख्यात आर्थोपेडिक सर्जन पद्मश्री डा. बीकेएस संजय और उनके पुत्र डा. गौरव संजयने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। डा. बीकेएस संजय ने अपने शोधपत्र में मीडियल ओपन वेज हाई टिबियल ऑस्टियोटामी तकनीक पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह शल्य-प्रक्रिया टोटल नी-रिप्लेसमेंट की तुलना में अधिक किफायती और व्यावहारिक विकल्प है। इसी मंच पर डा. गौरव संजय ने पर्क्यूटेनियस नेगेटिव सक्शन ड्रेनेज तकनीक पर अपने शोध साझा किए। उन्होंने बताया कि यह तकनीक उन रोगियों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिनमें टिबिया फ्रैक्चर के बाद कंपार्टमेंट सिंड्रोम की आशंका रहती है। यह आयोजन तीन दिनों तक चलि। इस सम्मेलन में विश्वभर से हजारों विशेषज्ञ शामिल हुए।