उत्तराखंड: अयोध्या राम मंदिर और बदरीनाथ धाम में चढ़ावे (दान) को लेकर सामने आए विवादों और कथित हेराफेरी की खबरों के बाद, उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मनसा देवी मंदिर ने अपनी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं।
किए यह बदलाव
जिस पर मंदिर ट्रस्ट ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के संशय को दूर करने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत ने घोषणा की है कि अब मंदिर के पुजारी और अन्य कर्मचारी ड्यूटी के दौरान ऐसी पोशाक धारण करेंगे जिसमें जेब न हो। यह बदलाव मंदिर की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।
चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय बोर्ड
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने एक सात सदस्यीय सुपरवाइजरी बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड मंदिर में आने वाले चढ़ावे की पल-पल की निगरानी करेगा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखेगा। इस निगरानी समिति में निम्नलिखित सदस्यों को शामिल किया गया है। जिसमें शेषमणि दुबे, पवन गिरी, द्वारिका प्रसाद मिश्र, विनय दुबे, राम भवन यादव, जनार्दन गुप्ता, चंदन बनर्जी शामिल हैं।