उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राज्य पाठ्यचर्या (स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क) को एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद) ने नये माॅडल के साथ बनाया है।
नये माॅडल के साथ तैयार पाठ्यचर्या
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें इसके लिए तैयार किए गए नए माडल के तहत पाठ्यचर्या में आंशिक बदलाव कर कक्षा एक से आठ तक चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। इस माडल में समग्र मूल्यांकन प्रणाली को प्रमुख आधार बनाया गया है। जिसके बाद अब पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यचर्या में 30 प्रतिशत बदलाव के साथ स्कूली स्तर पर लागू करने की तैयारी है। बताया कि इसके तहत ‘होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड’ यानी समग्र प्रगति कार्ड को एक प्रभावी शैक्षणिक उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा।
दी यह जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में राज्य समन्वयक रविदर्शन तोपाल एवं विनय थपलियाल ने बताया कि होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि छात्र के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरक विकास का आकलन करना है। यह 360 डिग्री बहुआयामी मूल्यांकन प्रणाली छात्र की व्यक्तिगत क्षमता और प्रगति को रेखांकित करता है।