उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में एक बार फिर ग्रामीण परंपराएं और सामाजिक रीति-रिवाज खास चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इन पर पाबन्दी
हम बात कर रहे हैं देहरादून जिले के चकराता ब्लॉक के खारसी गांव की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला गांव की पंचायत ने कुछ दिनों पहले एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत महिलाओं के गहने पहनने की सीमा तय की गई है। इसके अलावा गांव में शादी समारोह और अन्य आयोजनों में अंग्रेजी शराब के सेवन और परोसे जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया है।
यह आभूषण पहनेंगी महिलाएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक निर्णय के बाद पंचायत ने तय किया है कि अब गांव की महिलाएं और बेटियां सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में सीमित गहने ही पहन सकेंगी। यह नियम न केवल गांव की महिलाओं पर बल्कि बाहर से आने वाली बेटियों पर भी लागू होगा। वहीं महिलाएं कानों में कुंडल,मुर्की, झुमकी या बाली, नाक में फूली, गले में मंगलसूत्र और हाथ में अंगूठी पहन सकती हैं। अन्य भारी या दिखावटी आभूषण नहीं पहन सकते हैं। इससे पहले बीते अक्टूबर में चकराता ब्लॉक के कंधाड गांव की पंचायत ने भी लिया था, जहां महिलाओं को तीन गहने तक पहनने की अनुमति दी गई थी। अब खारसी गांव की पंचायत ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।