उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी में समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
दिए यह निर्देश
इसके तहत देहरादून जिले में अब अपात्र और फर्जी लाभार्थियों पर एक्शन होगा। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह ने निर्देश दिए हैं कि 15 जून तक सभी पेंशन योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर शुरू हो रहे इस अभियान के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान और तीलू रौतेली जैसी प्रमुख पेंशन योजनाओं की जांच की जाएगी। CDO ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पेंशनभोगी मृत पाया जाता है, तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज की जाएगी और अपात्र पाए जाने पर ठोस कारण बताते हुए उनका नाम सूची से तुरंत हटाया जाएगा।
जिम्मेदारी तय
सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी (SDM) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) कमान संभालेंगे। ग्राउंड टीम में पटवारी, लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी घर-घर जाकर लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करेंगे।