उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में वन्य जीव आतंक का पर्याय बने हुए हैं। जिसमें एक वन्य जीव भालू भी है। जिसके हमलों की खबरें भी सामने आ रही है।
भालू की गतिविधियों पर नजर
वहीं पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण के भालू आतंक का पर्याय बन चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां कई गांवों में जहां भालू ने अब तक 34 से अधिक मवेशियों को निवाला बना दिया है वहीं दूसरी तरफ खिर्सू में भालू ने दो युवाओं पर हमला कर घायल किया था। भालू के एक के बाद एक हमलों की वजह से यहां ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब भालू की गतिविधियों को देखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस जीपीएस सिस्टम के जरिए भालू की पूरी गतिविधि को आसानी से देखे जाने पर उसके ट्रैंक्यूलाइज करने में काफी मदद मिल सकती है। अभी ट्रैपिंग कैमरों की कुचौली और कठ्यूड में लगाए गए हैं। बताया कि अब जैसे ही एआई ट्रेल गार्ड आते हैं उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में लगाया जाएगा।