उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में यूसीसी कानून लागू है। यह कानून साल 2025 जनवरी माह में लागू हुआ है। 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 लागू किया था।
UCC अध्यादेश को मंजूरी
जिसके बाद अब आज 26 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के राज्यपाल ने संशोधित समान नागरिक संहिता (UCC) अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अध्यादेश संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा जारी किया गया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
संशोधित यूसीसी कानून के यह प्रमुख बिंदु
📌📌आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के स्थान पर अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 को लागू किया गया है।
📌📌धारा 12 के अंतर्गत ‘सचिव’ के स्थान पर ‘अपर सचिव’ को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है।
📌📌उप-पंजीयक द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई न किए जाने की स्थिति में प्रकरण स्वतः पंजीयक एवं पंजीयक जनरल को अग्रेषित किए जाने का प्रावधान किया गया है।
📌📌उप-पंजीयक पर लगाए गए दंड के विरुद्ध अपील का अधिकार प्रदान किया गया है और दंड की वसूली भू-राजस्व की भांति किए जाने का प्रावधान जोड़ा गया है।
📌📌विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत प्रस्तुति को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है।
विवाह एवं लिव-इन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।
📌📌लिव-इन संबंध की समाप्ति पर पंजीयक द्वारा समाप्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है।
📌📌अनुसूची-2 में ‘‘विधवा’’ शब्द के स्थान पर ‘जीवनसाथी’ शब्द का प्रतिस्थापन किया गया है।
📌📌विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध एवं उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है।