उत्तराखंड: कैबिनेट बैठक में इन 05 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, पूर्व सैनिकों को आरक्षण समेत यह विधेयक पारित

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बीते कल शुक्रवार को देहरादून में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इसमें पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक का आयोजन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन प्रस्तावों में अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, पूर्व सैनिकों को आरक्षण, भाषा संस्थान संशोधन, निजी विश्वविद्यालय स्थापना और जुए पर रोक से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
📌📌उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने को मंजूरी मिली। भारत के संविधान के अनुच्छेद 29 के प्रावधानों में अल्पसंख्यक वर्गों के हितों को संरक्षण प्रदान किया गया है।
📌📌कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1993) (संशोधन) विधेयक 2026 के संबंध में राज्य की सेवा में पूर्व सैनिक को आरक्षण का लाभ दिए जाने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से 22 मई 2020 को जारी शासनादेश के बिंदु 8 के प्रावधान को अधिनियम के रूप में प्रख्यापित किए जाने को मंजूरी। इसके तहत, 1993 के कानून में बदलाव कर पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने के प्रावधानों को और सुदृढ़ किया गया है।
📌📌उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी।
📌📌उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 को प्रख्यापित करने को मंजूरी।
📌📌नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय, देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने को मंजूरी।
📌📌उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026 को अधिनियमित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक में जुआ खेलने और खिलाने की गतिविधियों में संलिप्त दोषियों के लिए न्यूनतम तीन माह से लेकर अधिकतम पांच साल तक जेल और पांच हजार से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। अब आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 को सदन पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम में संशोधन कर नेपाली अकादमी को शामिल किया गया।