उत्तराखंड: सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, हाइड्रोजन नीति से लेकर हेल्थ वर्कर्स ट्रांसफर तक लिए यह बड़े फैसले

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित हुई।

कैबिनेट बैठक का आयोजन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज बुधवार को 11 बजे से सचिवालय में यह कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। कैबिनेट बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस बैठक में आठ मामलों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। इस बैठक का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 को मंजूरी देना रहा। कैबिनेट के ये फैसले स्वास्थ्य, राजस्व, जनजाति कल्याण, भू-जल संरक्षण, उच्च शिक्षा, रक्षा, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े हैं।

आठ मामलों पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

📌📌चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति से जनपद बदलने की अनुमति दी गई है।
📌📌राज्य में लघु, मध्यम और बड़ी परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि प्राप्त करने की नई व्यवस्था लागू की गई है।
📌📌उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि पर विकसित औद्योगिक आस्थान में अब सिडकुल को समान उद्देश्य के लिए उप-पट्टा (सब-लीज) देने की अनुमति मिलेगी।
📌📌देहरादून, चमोली, उधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के 4 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है।
📌📌गैर-कृषि कार्यों के लिए भू-जल उपयोग पर जल शुल्क लागू किया गया है। उद्योगों, होटलों, अपार्टमेंट, वाहन धुलाई केंद्र और स्विमिंग पूल आदि के लिए क्षेत्रवार शुल्क तय किया गया है। पंजीकरण शुल्क ₹5000 रखा गया है।
📌📌राज्य को शिक्षा हब बनाने की दिशा में देहरादून में ‘जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
📌📌उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टियों को सामरिक महत्व को देखते हुए नागरिक एवं सैन्य उपयोग के लिए रक्षा मंत्रालय को लीज पर देने की स्वीकृति दी गई है।
📌📌राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026’ को कैबिनेट की मंजूरी मिली है।