उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है।
होगा निर्माण कार्य
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य के जर्जर हो चुके सरकारी आवासों के स्थान पर अब आधुनिक क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा। जिसमें राज्य संपत्ति विभाग ने प्रदेशभर में जर्जर भवनों की पहचान के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। जिन भवनों की स्थिति दयनीय है, उन्हें ध्वस्त कर वहां नए आवासीय परिसर बनाए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन के मार्गदर्शन में एक विशेष समिति बनाई गई है। यह समिति भूमि की उपलब्धता और निर्माण की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करेगी। राजधानी के रेसकोर्स क्षेत्र (ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी) में जर्जर भवनों को हटाकर श्रेणी-2 के 31 और श्रेणी-4 के 10 नए आवास बनाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित और कार्यस्थल के निकट आवास उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि बेहतर आवासीय सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार होगा। समिति ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर विचार-विमर्श के बाद अपनी सहमति दे दी है। रिक्त सरकारी भूमि पर भी नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है ताकि सरकारी परिसंपत्तियों का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बजट और निवेश
देहरादून की इन दो प्रमुख परियोजनाओं पर सरकार भारी निवेश करने जा रही है।
• श्रेणी-2 के आवास: अनुमानित लागत ₹1458.56 लाख।
• श्रेणी-4 के आवास: अनुमानित लागत ₹743.95 लाख।