उत्तराखंड: हरिद्वार जमीन घोटाला मामला, विजिलेंस विभाग की जांच शुरू, आईपीएस रचिता जुयाल को सौंपी कमान

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के हरिद्वार में नगर निगम भूमि घोटाले में विजिलेंस ने पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। जिसमे इस जांच की कमान एसपी मुख्यालय रचिता जुयाल को सौंपी गई है।

टीम में शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस टीम में एक एक सीओ, दो निरीक्षक व एक सहायक शामिल हैं। इसके अलावा निलंबित दो आइएएस व एक पीसीएस अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट तैयार हो रही है। जल्द ही यह आरोपितों को सौंप दी जाएगी।

जानें पूरा मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला हरिद्वार नगर निगम से जुड़ा हुआ है। हरिद्वार नगर निगम ने गत वर्ष सराय में 33 बीघा कृषि भूमि चयनित की थी। तब वहां भूमि का सर्किल रेट अधिक, जबकि बाजार भाव काफी कम था। इसके बाद चयनित भूमि का उपयोग बदलकर इसे कृषि से व्यावसायिक कर दिया गया। वहीं सर्किल रेट में पांच गुना तक की बढ़ोतरी हो गई। इसी दर पर 54 करोड़ रुपये में तीन किसानों से यह भूमि खरीद ली गई।
इस पर सवाल उठे। इसके बाद मामले की जांच कराई गई। जिसमे प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर शासन ने जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त आइएएस वरुण चौधरी और एडीएम अजयवीर सिंह को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंपने के भी निर्देश दिए थे।