उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में एक बार फिर अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग जारी है। वहीं कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संवेदनशील प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है।
सीबीआई जांच के लिए भेजा पत्र
जिसके बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार ने सोमवार को सीबीआई जांच के लिए पत्र भेज दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक अनुरोध भेजा है। गृह सचिव शैलेश बागैली ने सचिव, केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पत्र भेजकर कहा कि प्रकरण में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता की भावना के अनुरूप वीआईपी की भूमिका की जांच का अनुरोध किया गया है। दरअसल अंकिता भंडारी प्रकरण प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में है। इस मामले के तीनों आरोपितों को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं इस प्रकरण में वीआइपी जुड़े होने के कोण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जांच जारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में घिरे पूर्व विधायक सुरेश राठौर नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे, जहां इंस्पेक्टर राजेश साह और राकेश शाह ने उनसे लंबी पूछताछ की। राठौर ने नार्को टेस्ट पर अपनी सहमति दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।