उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के चंपावत जिले में जिम कार्बेट टेल विकसित किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में विश्व प्रसिद्ध शिकारी और फिर संरक्षणवादी बने जिम कार्बेट ने वर्ष 1907 से 1938 तक खतरनाक अभियानों को अंजाम दिया था, उन्हें ट्रेल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
विकसित होंगे ट्रेल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी क्रम में सरकार ने प्रथम चरण में इन ट्रेल के साथ ही वहां पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए चार करोड़ रुपये जारी किए हैं। चंपावत ही वह क्षेत्र है, जहां वर्ष 1938 में कार्बेट ने थाक गांव में अंतिम बाघ को मारा था। जिसके बाद अब अब चंपावत में विकसित की जा रही कार्बेट ट्रेल के जरिये सैलानी इनसे फिर से परिचित हो सकेंगे। सभी छह ट्रेल के रास्तों (बटिया) का निर्माण, कार्बेट से जुड़े वन विश्राम गृहों का जीर्णाेद्धार, साइनेज, गेट, रिसेप्शन सेंटर व टिकट घर, पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित होंगे।
ये ट्रेल हो रहे विकसित
• चंपावत :-चंपावत-भारडोली-फुंगर- गौड़ी
• पनार घाटी :-चालनिचिना, देवीधूरा- रामेश्वर-पनार नदी क्षेत्र
• तल्ला देश :- मंच-तल्लाकोट-तामिल- थौलाकोट
• चूका :- बूम-खलढूंगा-चूका-टनकपुर- थाक
• दुर्गापीपल :- चालथी-डांडा गांव-डांडा रेंज-दुर्गापीपल-आमलाखेरा
• देवीधुरा :- पाटी-धुनवार-देवीधुरा