हल्द्वानी: दरोगा भर्ती घपले में विजिलेंस की कार्रवाई उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ी जितनी लोगों को उम्मीद थी। आठ अक्तूबर 2022 को 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी रही। पूरे प्रकरण में आरोपियों के 164 के बयान अहम माने जा रहे हैं। बयानों के आधार पर ही विजिलेंस आगे की कार्रवाई कर रही है।
विजिलेंस ने शासन के निर्देश पर 12 लोगों पर किया था मुकदमा दर्ज
एसटीएफ से जांच मिलते ही विजिलेंस ने शासन के निर्देश पर 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। इनमें परीक्षा संस्थान और नकल सिंडिकेट से जुड़े लोग शामिल थे। तत्काल मुकदमा दर्ज होने के बाद दरोगाओं पर कार्रवाई की बारी थी, लेकिन तीन माह तक विजिलेंस महज जांच की बात करती रही। इस बीच जांच के नाम पर विजिलेंस की ओर से कई तथ्य बताए गए, लेकिन किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि पूरे प्रकरण में शामिल अधिकांश लोग यूकेएसएसएससी परीक्षा घोटाले के भी आरोपी थे। जो उस समय जेल में बंद थे, लेकिन जो जेल से बाहर थे उन्हें न तो पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और न ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। इस सब के बीच विवि के अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा नकल सिंडिकेट में रहे अन्य लोगों के 164 के बयान काफी अहम माने जा रहे हैं।