पिथौरागढ़: अदालत का फैसला, चरस तस्करी मामले में नेपाली युवती को सुनाई 20 साल कठोर कारावास की सजा

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने चरस तस्करी के मामले में नेपाली युवती अनुष्का को 20 साल के कठोर कारावास और 1,50000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सुनवाई से दो दिन पहले बंदीगृह से हुई थी फरार

मामले के अनुसार दार्चुला नेपाल के दुमलिंग निवासी अनुष्का बुढ़ाथोकी वर्ष 2021 में धारचूला झूलापुल पर एक किलो चार सौ ग्राम चरस के साथ पकड़ी गई थी। वह इस चरस को अपनी जांघों में बांधकर नेपाल से भारत ला रही थी। उसके खिलाफ धारचूला थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। उसका मामला विचाराधीन था और इसी आठ अगस्त को सुनवाई होनी थी। सुनवाई से दो दिन पहले छह अगस्त को वह बंदीगृह से फरार हो गई थी। उसकी अनुपस्थिति में ही तय तिथि को विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने उसे दोष सिद्ध करार देते हुए उसके खिलाफ स्थायी गैर जमानती वारंट जारी किया था। गुरुवार को उसे थल के जंगल से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने के बाद अभियोजन पक्ष ने अनुष्का को न्यायालय में पेश किया। दोष सिद्ध युवती ने न्यायालय से उसे कम से कम दंड से दंडित करने की याचना की।

नेपाल से चरस भारत लाते समय पकड़ी गई थी

जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत ने कहा कि दोष सिद्ध महिला सामान्य महिला नहीं है। वह बड़ी मात्रा में नेपाल से चरस भारत लाते समय पकड़ी गई थी। महिला तस्करी का कार्य कर समाज को बर्बाद कर रही है। इसलिए इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया जाना चाहिए। इससे समाज में मादक पदार्थों का व्यवसाय करने वाले लोगों तक कड़ा संदेश पहुंचेगा और ऐसे अपराध पर अंकुश लग सकेगा।

अदालत का फैसला

दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि दोषसिद्ध से व्यावसायिक मात्रा से अधिक चरस बरामद हुई थी। दोष सिद्ध ने एक अति गंभीर अपराध पूरे समाज के लिए किया है। विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस शंकर राज ने दोष सिद्ध अनुष्का को 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर उसे पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।