उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने जरूरी निर्देश दिए हैं। जिसमे उन्होंने बॉर्डर पर तैनात सेना के जवानों, भूतपूर्व सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों और पुलिस पेंशनर्स के कल्याण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीजीपी ने बुधवार को पटेलभवन में पुलिस कार्यों की समीक्षा की। जिसमे उन्होंने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बॉर्डर पर तैनात सेना के जवानों, भूतपूर्व सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों और पुलिस पेंशनर्स के कल्याण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। ताकि, इन सभी की कोई समस्या हो तो उसका पुलिस के स्तर से हल किया जा सके। इसके अलावा अन्य विषयों पर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
दिए जरूरी दिशा-निर्देश
📌📌📌वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय करते हुए इसकी थानावार समीक्षा की जाए। साथ ही विशेष टीम इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाए। गैर जमानती वारंट और कुर्की वारंटों को तामील करने, मादक पदार्थ विरोधी अभियान, आदतन तस्करों पर पिट एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई की जाए।
📌📌📌नए आपराधिक कानूनों के तहत जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर के संबंध में जागरूकता, सीसीटीएनएस में डाटा की गुणवत्ता, विभिन्न पोर्टल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, समन्वय, नेटग्रिड, एनकॉर्ड, निदान और मानस डाटा समबद्ध तरीके से अपलोड किया जाए।
📌📌📌गढ़वाल रेंज कार्यालय में स्थापित चारधाम कंट्रोल रूम को जल्द शुरू करें। यात्रा मार्गों की ट्रैफिक योजना, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाए। उत्तराखंड पुलिस मोबाइल एप में रियल-टाइम अपडेट, इमरजेंसी हेल्पलाइन और रूट अपडेट जैसी सेवाएं सक्रिय की जाएं।
📌📌📌पुलिस कर्मियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, परेड, पीटी, योग एवं मेडिटेशन सत्रों का आयोजन, काउंसलिंग वर्कशॉप्स व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
📌📌📌महिला कर्मियों के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाए जाएं। ड्यूटी में परामर्श, स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़े प्रावधानों को बेहतर व महिला पुलिसकर्मियों की पदोन्नति, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करें।